मानसिक तनाव का कारण और उपचार | Causes of mental stress and treatment

0
380
मानसिक तनाव का कारण और उपचार | Causes of mental stress and treatment

पिछले कुछ सालों में मानसिक तनाव mental stress से जुड़े काफ़ी मामले बहुत ही तेजी से बढ़े हैं । कई सारे मनोचिकित्सक ये मानते हैं कि ये बढ़ोतरी पिछले दस सालों में हज़ार गुनी हो गयी है। चिकित्सीय रूप से तनाव को शरीर के अंदरूनी संतुलन की गड़बड़ी के तौर पर देखा जाता है।

तनाव के कुछ खास निशानदहियाँ होतीं हैं जैसे –

तनाव की वजह से घबराहट,दिल का दौरा, माइग्रेन और तनाव, सिरदर्द, खाने पीने से जुड़ी बीमारियाँ, अल्सर, मलत्याग में दिक्कत, कोलिटिस, डायबिटीज़, कमर दर्द, क्रोनिक फेटीग सिंड्रोम, त्वचा से जुड़ी बीमारियाँ, एलर्जी, सर्दी-खांसी,अस्थमा, अनिद्रा, कंपकंपी, डर, अवसाद, समय से पहले उम्र ढलना वगैरह दिक्कतें होती हैं, हलांकि ये लिस्ट कभी न खत्म होने वाली लिस्ट है

Also read : क्या गुप्त रोग लाइलाज होते हैं | Is Sexual Disorders are Non-Treatable

मानसिक तनाव के लक्षण | Symptoms of Mental Stress :

तनाव के कुछ खास लक्षणों में अनिद्रा नींद का ना आना, ध्यान लगा पाने में कमी, बेचैनी, काम में ध्यान न लगना, अवसाद, नशे की इच्छा होना, ज़्यादा गुस्सा और निराशा, परिवार में झगड़े और शारीरिक बीमारियाँ जैसे हृदय से जुड़ी समस्या, माइग्रेन, सिरदर्द, पेट से जुड़ी परेशानियाँ और कमर से जुड़ी समस्याएँ भी शामिल हैं।

तनाव का कारण | Causes of Mental Stress :

आजकल तनाव और थकान तो ऐसा है जैसे घर का कोई सामान हो।वास्तविक रूप से हर कोई कुछ हद तक तनाव झेलता है। हर किसी को पागलपन से भरी इस जीवनशैली की काली छाया से बचने की जरूरत है, जिसमें शामिल है थकाऊ काम, निरंतर यात्रा, टूटते रिश्ते, गला काट प्रतियोगिता, उम्र और बीमारी से मुकाबला और हमेशा जवान को खूबसूरत बने रहने की चाहत।

उपचार | Treatment:`

बढ़ते तनाव से निपटने के लिए कई तरह के आयुर्वेदिक उपचार हैं।

हर्बल उपचार | Herbal Treatment:

एडेप्टोजेन्स नाम की जड़ी बूटियां बढ़ते तनाव में बहुत फायदा पहुंचाती हैं। यह जड़ी बूटियां तनाव को झेलने की ताकत देती है, इसमें साइबेरियन जिनसेंग, जिनसेंग, वाइल्ड यम, बोराज, मुलैठी, बबूने के फूल, मिल्क थिसल और नेटल शामिल हैं। पारंपरिक रूप से आयुर्वेद अश्वगंधा की जड़, शकपुषादि, ब्राह्मी, जटामानसी, शंखपुष्पी, धात्री रसायन, प्रवल पिष्टी और आंवला का इस्तेमाल करता है जो तनाव को कम करते हैं और वात दोष के असंतुलन को ठीक करते हैं।

अश्वगंधा संपूर्ण दिमाग को तनाव से लड़ने की क्षमता देता है क्योंकि यह मानसिक क्रियाओं में मदद करता है। जटमानसी और ग्रेटर गलंगल भी दिमाग की वाहिकाओं का रास्ता खोलते हैं। ये दिमाग और शरीर को विषैले तत्वों और रुकावटों से बचाते हैं। अश्वगंधा एक तेज और प्राकृतिक शोधन जड़ी बूटी है, लेकिन इसके साथ जटमानसी और ग्रेटर गलंगल के मिश्रण से ये बहुत प्रभावी हो जाती है। यह पाचन की अग्नि को बढ़ाते हैं जिससे आम कम होता जाता है।

Also read : Gathiya treatment | गठिया रोग को दूर करने के लिए 3 आसान उपाय

आहार उपचार | Diet Treatment :

चूंकि तनाव की वजह से शरीर की रक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है ऐसे में पोषण से भरा हुआ आहार लेना काफी फायदेमंद होता है। सही आहार का सेवन करने से तनाव को झेलने में मदद मिलती है जो कि बहुत जरूरी है। आयुर्वेदिक भाषा में कहें तो कम मात्रा में राजसिक और तामसिक भोजन का सेवन करें और अपने आहार में सात्विक भोजन शामिल करें।

कॉफी और बाकी कैफीन वाले पेय से बचें क्योंकि कैफीन वाले पेय तनाव, असहजता, बेचैनी और अनिद्रा पैदा करते हैं। जितना हो सके कार्बोनेटेड पेय और शराब के सेवन से बचें। जानवरों वाले हाई प्रोटीन आहार से भी बचें क्योंकि इससे दिमाग में डोपामाइन और नॉरपिनफ्राइन का स्तर बढ़ता है, इससे बेचैनी और तनाव की मात्रा बढ़ती है। जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा हरी पत्तेदार सब्जियाँ, फल खाएं और फलों का रस पिएँ। मैदा और चीनी वाले उत्पाद, जमे हुआ भोजन, पैकेट बंद या बचा हुए आहार के सेवन से बचें। अपने भोजन में अनाज बढ़ाएं, इससे दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर सिरोटोनिन बनता है जो कल्याण की भावना पैदा करता है।

 

Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Sex clinic, Piles Clinic, Ayurvedic Clinic