मासिक धर्म के ना आने का शुद्ध देसी उपचार

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मासिक धर्म(पीरियड्स आना(Amenorrhoea)-

प्रत्येक चार सप्ताह के बाद स्त्रियों को मासिक धर्म आना स्वाभाविक गुण एवं स्वस्थ होने का प्रमाण है। परन्तु गर्भाधान होने पर मासिक धर्म बंद हो जाता है।

यदि गर्भाधान के अतिरिक्त मासिक धर्म बंद हो जाता है, तो सामान्यतः इसका कारण गर्भाशय एवं अण्डाशय से संबंधित होता है। इसमें सिरदर्द, बदन दर्द, शरीर में जलन, मस्तिष्क में गर्मी, हाथ-पैरों में जलन आदि लक्षण होते हैं।

यह ब्लॉग डी.एन.एस. आयुर्वेदा के द्वारा है

मासिक धर्म बंद होने की चिकित्सा

  1. रोगिणीका अच्छी प्रकार से निरीक्षण एवं परीक्षण करें। शरीर में पोषक तत्व एवं लौह तत्व का अभाव हो तो उनकी आपूर्ति करें। साथ ही निम्न योगों को दें।
  2. अजवायनका चूर्ण 3 ग्राम नित्य दो बार गर्म दूध के साथ लेने से रूका मासिक धर्म खुलकर आता है।

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  1. अनानासके पत्तों का रस नित्य 2-3 बार पीने से असमय रूका हुआ मासिक धर्म आरम्भ हो जाता है।
  2. अरीठेकी गुठली के मगज को पीसकर बत्ती बनाकर स्त्री की योनि में रखने से मासिक धर्म की रूकावट दूर हो जाती है। प्रसव के समय में भी इस बत्ती के प्रयोग से बिना कष्ट के प्रसव हो जाता है।
  3. मासिकधर्म की रूकावट होने पर काली नगद(नागदौन, नागदमन) का फांट बनाकर देने से लाभ होता है।
  4. कोधब(लेटिननाम ब्ंकंइं प्दकपबं) के पत्ते और जड़ का क्वाथ नित्य दो बार पीने से बंद मासिक धर्म खुलकर आता है और गर्भाशय की पीड़ा ठीक हो जाती है।
  1. जबगर्भाशय वायु, कफ और चर्बी से आच्छादित हो जाये तो स्त्री को मासिक धर्म बंद हो जाता है और संतान नहीं होती है। स्त्री को एक-दो लंघन देकर 1-2 मास तक योगराज गुग्गल देने से संतोषजनक लाभ होता है।
  2. जावसीर3 ग्राम गर्म पानी के साथ लेने से रूका हुआ मासिक धर्म चालू हो जाता है।
  3. जैतूनका गोंद योनि में रखने से मासिक धर्म चालू हो जाता है। यह गर्भ को भी गिरा देता है।
  4. तिलोंके काढ़े में सोंठ, मिर्च और पीपर का चूर्ण मिलाकर नित्य सुबह-शाम पीने से मासिक धर्म अनियमित या कम आना ठीक हो जाता है।
  5. असमयरूका हुआ मासिक धर्म में कच्चे प्याज खाने से जारी हो जाता है।
  6. बांसके कोमल पत्ते, सोया के बीज, अमलतास का गूदा, मूली के बीज और चित्रक की जड़ की छाल को समान मात्रा में लेकर यवकूट करके क्वाथ बना लें। इस क्वाथ के सेवन से मासिक धर्म शुद्ध होकर जारी हो जाता है।
  7. मूलीके बीजों का चूर्ण 3-3 ग्राम सुबह-शाम लेने से मासिक धर्म की रूकावट दूर होकर रजोधर्म नियमित आता है।
  8. शुद्धसुहागे के प्रयोग से मासिक धर्म की रूकावट दूर हो जाती है।
  9. हस्तिशुण्डिके फूलों की छोटी मात्रा के प्रयोग से मासिक धर्म नियमित रूप से आने लगता है। बड़ी मात्रा में देने से गर्भस्राव हो जाता है।
  10. हंसराजके पत्तों का शीत निर्यास नित्य सुबह-शाम पीने से ऋतुस्राव नियमित आने लगता है। अनुमानित तिथि से 2-3 दिन पहले से इसे देना आरम्भ करें।
  11. हीराबोल(एकप्रकार का गोंद) आधा से एक ग्राम सुबह-शाम लेेने से रूका मासिक धर्म चालू हो जाता है।

यह ब्लॉग डी.एन.एस. आयुर्वेदा के द्वारा है

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