Gupt Rog Doctor In Lucknow, Gupt Rog Clinic In Lucknow

गुप्त रोग डॉक्टर लखनऊ में | गुप्त रोग के लिए क्लिनिक लखनऊ में | Gupt Rog Doctor In Lucknow | Gupt Rog Clinic In Lucknow

डॉ नदीम अहमद एक सेक्सोलॉजिस्ट एवं पुरुष रोग विशेषज्ञ है जो की पुरुषो में गुप्त रोग के इलाज मैं माहिर है। लखनऊ में गुप्त रोग के सबसे बेहतरीन इलाज के लिए आज ही मिले। गुप्त रोग डॉक्टर इन लखनऊ एवं गुप्त रोग क्लिनिक इन लखनऊ के लिए Gupt Rog Doctor In Lucknow | Gupt Rog Clinic In Lucknow




Dr Nadeem Ahmad is a Sexologist and Andrologist in Lucknow who specializes in the treatment and management of Gupt Rog in Lucknow. Also well known as Gupt Rog Doctor in Lucknow and his clinic is called Gupt Rog Clinic in Lucknow.



09918584999 / 09918536999

ADDRESS – 194/18, Golaganj, Lucknow (Uttar Pradesh) – 226018 – IN


Shighrapatan Ka Ilaj | Premature Ejaculation Treatment | शीघ्रपतन का इलाज

Gupt Rog Doctor In Lucknow | Gupt Rog Clinic In Lucknow | गुप्त रोग डॉक्टर लखनऊ में | गुप्त रोग के लिए क्लिनिक लखनऊ में

क्या है गुप्त रोग ? | Gupt Rog Kya Hai? :

गुप्त रोग ( Gupt Rog in Hindi )  पुरुष में होने वाले योन रोग ( Sexual Disease in Hindi )  है। क्युकी इन बिमारिओ के बारे में पुरुषो में बहुत संकोच होता है। इस कारण से वह इन रोगो का सही इलाज नहीं करवा पाते। इसी लिए यह रोग गुप्त रहते है और पीड़ित पुरुष गुप्त रोग के जाल में फसे रहते है।

यह गुप्त रोग कई तरह के होते है। कुछ कॉमन गुप्त रोग है (Some Common Gupt Rog in Lucknow)

१. नपुंसकता / लिंग का खड़ा न होना (Erectile Dysfunction in Hindi)
२. शीघ्रपतन  (Premature Ejaculation in Hindi)
३. टाइट फोरस्किन या लिंग की चमड़ी न खुलना (Phimosis in Hindi)
४. अंडकोष में सूजन
५. अंडकोष में दर्द
६. अंडकोष की नसों की सूजन (Varicocele in Hindi)
७. बाँझपन (Male Infertility in Hindi)

क्या गुप्त रोग का इलाज संभव है ?

आज इक्कीसवी सदी में गुप्त रोग का सफल आयुर्वेदिक दवाई से इलाज संभव है। कई नई तकनीकों एवं अविष्कारों के कारण आज बहुउपयोगी एवं कारगर दवाइयों से गुप्त रोग का सफल इलाज संभव है। हर तरह के गुप्त रोगों का इलाज हमारे क्लिनिक पर मिलता है। डॉ नदीम अहमद एक गुप्त रोग डॉक्टर हैं, वह एक सफल गुप्त रोग क्लिनिक लखनऊ में चलाते हैं,

गुप्त रोग डॉक्टर लखनऊ में (Gupt Rog Doctor In Lucknow)


डॉ नदीम अहमद एक जाने माने पुरुष रोग विशेषज्ञ है। यह भारत में शिक्षित है। वह आयुर्वेदिक मेडिसिन में कई बड़ी डिग्रियों से सुसज्जित है। गुप्त रोग का सफल इलाज करते है। लखनऊ में वे गुप्त रोग के सबसे अच्छे डॉक्टरों में से एक है। अब तक उन्होंने हज़ारों पुरुषो का सफल गुप्त रोग का इलाज किया है।


गुप्त रोग क्लिनिक लखनऊ में | Gupt Rog Clinic In Lucknow :

हमारा क्लिनिक लखनऊ के गोलागंज क्षेत्र में है। गुप्त रोग क्लिनिक लखनऊ ट्रैन, बस एवं फ्लाइट से वेल कनेक्टेड है। हमारे क्लिनिक में गुप्त रोग के इलाज की सभी नवीनतम टेक्नोलॉजी द्वारा किया जाता है। सभी लेटेस्ट आयुर्वेदिक इलाज अवेलेबल है।

और पढ़ें:  Sex Power Capsule | Long Drive Capsules | Sexual Problems

गुप्त रोग क्लिनिक में दाम बहुत वाजिब है और ट्रीटमेंट एकदम बेस्ट है। आज ही गुप्त रोग के सफल इलाज के लिए हमारी आके दिखाएँ या फिर अपनी दवा घर बैठे ऑनलाइन मंगाएँ


Erectile Dysfunction (Impotency) Treatment In Lucknow India | Best Doctor For ED Cure In Lucknow

 Dr Nadeem Ahmad is an expert in Impotence Treatment (ED Cure) in Lucknow India. He is a qualified Sexologist and also an Expert Ayurvedachary. He believes in practicing scientific and ancient medicine and is an expert in Sexual approach for treating erectile dysfunction or impotence. We provide the best erectile dysfunction treatment in Lucknow India.



WHATSAPP ON 09918584999

CALL ON 09918584999 / 09918536999 (APPOINTMENT)




If you are reading this, you must have already become familiar with the terminology and definition of erectile dysfunction and impotence. Chances are you may have read detailed manuals and treatise from the best minds out there. It is also a high possibility that you have tried treatments and failed them. But, for the sake of continuity, I would like to stress on my personal definition of Erectile Dysfunction and Impotence. Erectile dysfunction is a health state in a man; where he is not able to maintain erection (in quality or length of time) to fully satisfy himself or his partner. This is the widest definition I could think of.

Because I believe Erectile Dysfunction is a condition with many layers and variation that it cannot be applied to just the erect penis.

और पढ़ें:   धातु रोग पुरुषों की यौन समस्या है, जानें क्या है इसका घरेलू उपचार | Dhatu Rog


There are many causes of erectile dysfunction. Sometimes one or two causes may coexist. Sometimes one cause may lead to the other causing a vicious cycle that needs to be broken.

DNS Ayurvedic Clinic

Psychogenic Impotence or Erectile Dysfunction

It is the most common variety. It is truly said that a sex happens between the ears and not between the legs. This condition is becoming more and more common with changing times. Stress, conflict, anxiety and tension can turn off ones desire completely. There is only so much the penis can do, without desire. Overdose of pornographic material is also progressively numbing the male senses. It is much too common to see young men today, not able to sustain interest in their partners, but having a ravenous hunger for pornography. In this process they forget the basics of arousal and sex. This cycle of inadequate arousal causes inadequate erections, causing anxiety and progressively weaker erections. Other causes may be performance anxiety, especially in newly married men. Unreal expectations from both partners, especially in today hypersexual times, can lead to anxiety and stress. Anxiety causes decreased cortisol levels and increased levels of adrenergic output, causing erectile dysfunction or impotence.


Vasculogenic ED or Arterial Impotence

The least common variety, but the one treated most aggressively by quacks. The penis is nothing but a bag of blood. At arousal, the vessels within the penis dilate and get filled with blood causing erections. If these blood vessels get affected either due to age, or cholesterol or trauma, it affects the blood filling in the penis. This kind of erectile dysfunction is especially common among older gentle men or among the obese. Sometimes pelvic fractures or trauma can cause the arteries supplying the penis to get blocked causing ED or Impotence.


Venous Erectile Dysfunction

A very common but rarely diagnosed condition. Especially common among older men or obese men. The penis when fully erect gets filled with blood, but the outlet to blood flow gets closed. Causing rigidity. If this outlet or veins remain open, how much ever blood enters the penis, it ll never stay and cause weak erections. Fracture of the penis or patients having undergone surgery on the penis may suffer from this particular dysfunction.


Neurogenic Impotence

For erection to occur two stimuli are required. One is central – means to see fell touch and smell your partner. Even the very thought of thinking about sexual activity leads to signals moving to the penis. And second and most important is direct touch and vibratory stimulus to the penis. Both these signals need functioning nerves. Diabetes and other diseases can affect these nerves. With everything normal, inadequate neural activity can lead to impotence.



If you wish to discuss matters further, leave a message below or take an appointment.


WHATSAPP ON 09918584999

CALL ON 09918584999 / 09918536999 (APPOINTMENT)


Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Shighrapatan Ka Ilaj, Premature Ejaculation Treatment, शीघ्रपतन का इलाज

सेक्स या संभोग के कारण ही लोग एक-दूसरे के निकट आते हैं और जीवन को मनोरंजक तरीके से जी पाते हैं. कई बार सेक्स संबंधों के दौरान पुरुषों का शीघ्रपतन ( Shighrapatan ) हो जाता है. सच यह है कि कई लोग शीघ्रपतन की समस्या की शिकायत करते हैं, और इससे पारिवारिक जिंदगी में उदासी छाने की बातें भी करते हैं. ऐसे रोगी शीघ्रपतन का इलाज कराने के लिए अनेक प्रयास करते हैं लेकिन शीघ्रपतन का सटीक इलाज नहीं मिल पाने के कारण रोग से निजात नहीं मिलता।

शीघ्रपतन क्या है? | What is Premature Ejaculation ( Shighrapatan ) in Hindi :

शीघ्रपतन (Shighrapatan) पुरुषों को होने वाली एक प्रकार की यौन समस्या है। इस समस्या में सेक्स के दौरान चरम पर पहुंचने या आर्गेज्म  से पहले ही वीर्य (Sperm) निकल जाता है। इसे ही शीघ्रपतन कहते हैं। शीघ्रपतन का सेक्स लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

Also Read : धातु रोग और गुप्त रोग का इलाज कैसे करें | How to treat venereal disorders

Shighrapatan Ka Ilaj | Premature Ejaculation Treatment | शीघ्रपतन का इलाज

शीघ्रपतन के लक्षण | Shighrapatan | Premature Ejaculation Symptoms in Hindi :

लक्षण ये हैं –

  • शीघ्रपतन उत्तेजना के कुछ सेकेण्ड या मिनट के भीतर हो जाता है।
  • इण्टरकोर्स (Intercourse) आरम्भ होने के 60 सेकेण्ड के अन्दर पुरुष का वीर्यपतन (Sperm out) हो जाए, तो शीघ्रपतन की समस्या समझना चाहिए।
  • यौन उत्तेजना कम होना।
  • संभोग क्रिया शुरू होते ही, या होने से पहले वीर्यपतन हो जाना।

Also Read : अच्छी खबर : इस दवा से दूर हो जायेंगे सेक्स संबंधी सारे रोग

शीघ्रपतन होने के कारण | Shighrapatan | Premature Ejaculation Causes in Hindi :

आजकल लोग मानसिक तनाव के शिकार हो रहे हैं जिसकी वजह से लोगों के जीवन में सेक्स संबंधी समस्याएं हो रही हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक शीघ्रपतन ( Shighrapatan ) है। मानसिक तनाव होने की वजह से सेक्स हार्मोन्स जैसे-टेस्टेरोन हार्मोन आदि असंतुलित हो जाते हैं। इसके कारण ही शीघ्रपतन की समस्या हो जाती है। शीघ्रपतन शारीरिक या मानसिक दुर्बलता के कारण भी हो सकता है।

Also Read : लिंग मे तनाव ना आना | Ling mein dheelepan ka karan

शीघ्रपतन की समस्या में डॉक्टर से कब सम्पर्क करना चाहिए ?

कुछ लोग इस समस्या को समझ नहीं पाते हैं, और कुछ लोग इस समस्या को गुप्त रखने की कोशिश करते हैं। डॉक्टर को अपनी समस्या के बारे में नहीं बताते हैं। इस कारण पुरुषों में शीघ्रपतन की समस्याएं बढ़ जाती हैं।

DNS Ayurveda, Best Ayurvedic clinic, best sexologist


लम्बे समय तक शीघ्रपतन का इलाज ना कराने पर नपुसंकता के लक्षण ( Napunsakta ke lakshan ) भी नजर आ सकते हैं. इसलिए अगर शीघ्रपतन की समस्या बहुत दिनों से है तो डॉक्टर से तुरन्त सम्पर्क करें और इलाज कराएँ।



Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Sex Power Capsule Long Drive Capsules Sexual Problems

Our Long Drive sex power capsule is the all-safe prevalence of all sex related concerns like sexual dysfunction including erectile dysfunction, Premature Ejaculation and low libido, lower Sex strength etc.

Long Drive sex power capsule helps to improve the testosterone level in body which boosts your confidence level and self esteem and gives you strength to perform last longer in the bedroom. Long Drive sex power capsule men is made using the completely natural herbs & are manufactured under the recommendation of experts.

infertility sucks, infertility treatment male infertility, Napunsakta ka ilaj in hindi, नपुंसकता, नमार्दगी, लिंग समस्या, सेक्स समस्या, हर्बल उपचार, top 10 tips before marriage

This herbal product is particularly designed for :-

  • Small penis size
  • Premature Ejaculation
  • Erectile Dysfunction
  • Low sex stamina and confidence

Small penis size :

Men often anxious about their penis size, more than 45% of men on the planet want their penis long and strong revealed by several organizations and surveys. Sex Power Capsule

Our Long Drive sex power capsule for penis enlargement improve the circulation of an enough amount of blood to human penis & grow volume of your penis permanently.

Premature Ejaculation /early discharge :

Premature ejaculation or early discharge doesn’t let men to perform an enjoyable and long lasting sex. The Long Drive sex power capsule for long-lasting sex precisely cure the root of all the sexual problems mainly the Premature ejaculation using its highly potent natural rejuvenation herbs.

Erectile Dysfunction :

ED often called as impotence that can make you unable to maintain firmer, thicker and longer erection. If you have  been experiencing such medical condition for a long time, Consult with our doctors.

Take a free Consultation with our physicians



For more information visit our website, Click here :-
Our Long Drive sex power capsule improve your erection level with its pro erectogenic properties.

For More Information visit our website:

Low sex stamina and confidence | Sex Power Capsule :

Every man wants intense sex strength and confidence during sex but millions of men are not happy with their sex life due to their sexual inabilities. Our Long Drive penis enlargement herbal capsule boost sex stamina with its rejuvenating herbs and improve the level of testosterone hormone.

How Long Drive sex power capsule work from our body ?

solutions of sexual problems, sex power capsules

Long Drive natural sex power capsules is completely natural alternative that prevent overall sexual performance with helps of natural rejuvenating herbs.

It improves the testosterone level in human body and nourishes and boost the level of testosterone hormone in the human body which is responsible for boosting sex stamina and hardness of human penile. Testosterone hormone increase growth of human penile mainly testicles and penises.

Aside from this, It also improves the quantity and quality of sperm production in men which reduces oxidation stress in the body and it allows a better blood flow to the body.

Improves the concentration strength and also helps in increasing the production of sperm count. It provides sexual strength and durability to long lasting to be long-lasting in bedroom. It strength tissues of penile and increase the Penile functioning.

Long Drive capsule improves the blood flow to the genitalia and increases the sexual strength along with dick enlargement that results pressures and expand your blood vessels revealed in several studies.

It promotes sexual performance. It increases the interest in sex. Long Drive cure you from any kind of sexual disorders including erectile dysfunction, night fall, low libido etc. It builds up your self esteem and confidence to perform long time sex in the bedroom. Benefits of using THE Long Drive penis enlargement herbal capsule for men are:-

  • Long Drive sex power capsule are all natural ayurvedic sex power capsule is a herbal composition.
  • Long Drive capsules for dick enlargement prevent you from sexual disorders. Erectile dysfunction, low libido of sex, premature ejaculation and many more
  • It increases your stamina and strength to perform long lasting on bed.
  •  It boosts your sexual confidence and low self esteem.
  • There are no side effects of ayurvedic sex power capsules for men

What is Age limit of using Sex Power Capsules Long Drive ?

All the men above 18 who are suffering g sexual problems like erectile dysfunction, small penis size, low sexual stamina and more can use this herbal sex enhancement pills t]hat contain no side effects.

Take one capsule of Long Drive sex power capsule with one glass of water twice a day. Each bottle of Long Drive contains 30 ayurvedic capsules, you have to take one capsule at a time twice a day or as per the guidance provided by our physicians.

Final Statements :

You must have gotten that Long Drive Capsule is a pure herbal sex power capsule. It can give you completely safer results within 2-3 months. Our product is all natural male enhancement product.

It contains no chemicals and hazardous substances and any flavor in it. It does not give you any risk of negative effects in the human body. Using Long Drive penis enlargement herbal capsule, you body will experience permanent male enlargement, improve in level of testosterone hormone, improve sperm count, boost sex strength and improve self esteem and confidence and many more health benefits.

For more information visit our website and take a Free consultation with our physicians. For more Information visit our website :-


Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

धातु रोग पुरुषों की यौन समस्या है, जानें क्या है इसका घरेलू उपचार | Dhatu Rog

संभोग और यौन उत्तेजना के बिना किसी पुरुष में वीर्यपात या वीर्य का निकालने की स्थिति को धातु रोग ( Dhatu rog ) कहा जाता है. अनैच्छिक रूप से वीर्य निकलना या बहना पुरुषों में एक यौन समस्या ( Sexual Problem ) है. धात गिरना ही धातु रोग कहलाता है. कुछ मामलों में कब्ज ( Constipation )होने पर मल त्याग के समय मूत्र के साथ भी वीर्य निकलने लगता है. वहीं कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मूत्र से पहले वीर्य निकलता है. कई बार सोते समय भी वीर्य निकल सकता है जिस नाइट फॉल ( Night Fall ) कहते हैं.

TIPS:  धात रोग (Dhat Rog) की समस्या आमतौर पर नौजवानों में ज्यादा होती है. इस रोग को ठीक करने में नियमित रूप से तरबूज (Watermelon), एवोकाडो का सेवन फायदेमंद है.

धातु रोग का कारण  | Causes of Dhatu rog:

अत्यधिक हस्तमैथुन या अत्यधिक सेक्स, पाचन तंत्र या शारीरिक कमजोरी, मूत्र और जननांगों से संबंधित समस्या, यौन असंतोष, मूत्र निकास मार्ग का सिकुड़ना, मलाशय से संबंधित विकार जैसे बवासीर, एनल फिशर, त्वचा में फोड़े-फुंसी आदि भी धातु रोग का कारण बन सकते हैं. जब वृषण में ज्यादा गर्मी ( जैसे गर्म पानी से भरे टब में नहाना ) पहुँचती हैं, तो शुक्राणु की सप्लाई प्रभावित हो जाती है, जिससे रात को सोने के बाद शुक्राणु मूत्र मार्ग से निकालने लगते हैं, जो लोग ऐसे दृश्य की कल्पना करते हैं जिससे यौन उत्तेजना हो, तो ऐसे में भी वीर्यपात हो सकता है.


Dhat Rog Ka Ilaj


Also Read :  Top 10 home remedies for wart removal | Natural remedies

धात रोग का लक्षण | Symptoms of Dhatu rog :

धातु रोग के सामान्य कारणों में कमर के निचले भाग में दर्द, थकान, अवसाद, सुस्त आंखें, अंडकोष वाले हिस्से में दर्द और पसीना आना, चक्कर आना, कमजोरी, रात को पसीना आना, गर्म और नम हथेलियां व तलवे भी शामिल हैं.

धातु रोग का इलाज के तरीके | How to treat Dhatu rog :

  1. धात रोग के उपचार के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव जरूरी है जैसे:.
  2. शराब का सेवन न करना,
  3. रात के समय कम भोजन करना,
  4. बहुत मुलायम गद्दों पर न सोना,
  5. जननांगों को पूरी तरह से स्वच्छ रखना,
  6. मल त्याग सही से होना आदि इसके इलाज में सहायक है.

Also Read :  धातु रोग और गुप्त रोग का इलाज कैसे करें | How to treat venereal disorders

रात्रि वीर्यपात ( Night Fall ) की समस्या आमतौर पर सुबह के कुछ घंटों में होती है, तो ऐसे में आप अलार्म की मदद से सुबह जल्दी उठने की कोशिश करें. रात में सोते समय टाइट कपड़े न पहने. इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार भी इलाज में मदद कर सकते हैं.

धातु रोग के घरेलू उपाय | Home Remedies for Dhatu Rog :

  • धात रोग की समस्या आमतौर पर युवकों में ज्यादा होती है. इस समस्या को सही करने में नियमित रूप से तरबूज, एवोकाडो को खाना फायदेमंद है.
  • अजमोद एक शक्तिशाली उत्तेजक है, जिसमें एंड्रोस्टेरोन पाया जाता है. यह एक प्रकार का सुगंध रहित हार्मोन है, जो पुरुषों में पसीने के साथ निकलता है. सोने से पहले अजमोद की पत्तियों का जूस पिएं.
  • शरीरिक शक्ति बढ़ाने और फिट रहने के लिए रोजाना 2 से 3 कप दही का सेवन अवश्य करें. यह स्वप्न दोष ( Night Fall ) को कम करने में मदद करता है और अच्छी नींद भी दिलाता है.
  • इस रोग को जड़ से खत्म करने के लिए मेथी का प्रयोग करें. यह हार्मोन को असंतुलन करने वाली दिक्कतों के इलाज में असरदार है. यह पाचन भी ठीक रखता है.
  • इसके अलावा रात में सोने से आधे घंटे पहले मेथी का रस और शहद मिलाकर पीना भी फायदेमंद होता है.


Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

How to prevent weight gain using Ayurveda Weight Loss Methods

As you age, don’t you think that it gets more challenging to lose weight?

Most who are watching their weight or who are attempting to lose weight would love to share their challenges – how they get all excited and motivated at the start of their weight loss journey and how later, are de-motivated, again. How the measuring scale does not seem to move an inch in the direction that is desired and how all that they eat goes straight to their tummies and hips. Ayurveda weight loss methods


Also Read : 23 Ayurveda Healthy Weight Loss Tips that are Simple to Follow


Weight loss, simply through proper weight loss diets and exercises, may not be the only viable ways. Frequently, you require that additional push to battle fat deposits and shed off those last few stubborn kilos. Ayurveda, luckily, has the solution for your weight loss issues.

As per Ayurveda, the food we consume is converted into energy and the toxins are expelled from the body. However, if we don’t utilize our body productively, these toxins are not expelled completely. Rather, these toxins gather and create havoc in your body. Moreover, they encourage fat accumulation in the body. This fat is resolute and declines to move – regardless of the amount you exercise or control your diet.


Also Read : मानसिक तनाव का कारण और उपचार | Causes of mental stress and treatment


Why Should You Worry About Your Weight?

In an advanced world, where appearances are given a great deal of significance, overweight just costs you excessively. It is impeding to your self-confidence – also your health. The more weight you gain, the more inclined you are to different infections and ailments such as diabetes, hypertension, cholesterol and risks of heart and cardiovascular disorders. There is no shortage of lifestyle diseases that you may succumb to on account of your additional weight. Overweight is not good for your psychological well-being. And as per Ayurveda Philosophy – a healthy body houses a healthy mind. Hence, an unhealthy body is synonymous with an unhealthy state of mind.

What are the Causes of Excessive Weight Gain?

Obesity and overweight is created because of numerous elements. That said, a stationary lifestyle and sporadic dietary patterns are the two primary drivers of weight gain. Typically, if your caloric intake is more than the calories you expend in a day, the excess and unused calories convert into fat and are stored for later use. Since you keep on burning fewer calories than you expend, you start gaining weight. There are different reasons for weight gain alike, which are:

  • Hereditary conditions
  • Due to Medication
  • Thyroid disorder
  • Metabolic issues
  • Over-eating due to emotional anxiety
  • Stress and Depression

Ayurvedic treatment for weight loss

A three-forked methodology 

  1. Herbs for weight loss and slimming capsules are used to shake out the stubborn fat.
  2. A well-structured weight loss diet plan is given that helps you shed off those extra pounds.
  3. Yoga and exercise for healthy weight maintenance is included wherein a work-out timetable is created to be followed to the tee.

If there is any individual who says that their weight loss pills can help you lose exorbitant weight with no abstinence from food and working out, they are most likely misleading you.

Ayurvedic Medicine for Weight Loss

Ayurveda has engendered an extensive variety of medicines for various distresses with expansive outcomes. Obviously, weight loss has been no special case. Today, because of Ayurvedic prescriptions, we find that obesity and overweight can undoubtedly be countered with ease and that too with no side effects. Ayurveda weight loss methods

Using Natural Ingredients in Ayurveda for Weight Loss

In Ayurveda, where emphasis is inclined towards natural remedial ingredients, for weight loss as well, the ingredients being referred to are purely natural with no potential side effects to fear. We can specifically say this on the grounds that numerous artificial weight loss pills or different solutions, weight loss programs, and so forth frequently pave the way to a consequence of numerous side effects. With Ayurvedic solution for weight loss, there are no such concerns.

Enlisted are some characteristic ingredients that regularly find place in Ayurvedic medication for weight loss:

  • Kalonji : Kalonji (Nigella Sativa) works extremely well in promoting weight loss. Its seed extract, specifically, does a ton of good, particularly in maintaining a perfect BMI (Body Mass Index.)
  • Ginger : Ginger is another natural ingredient that is awesome for weight loss and subsequently has amazing qualities in the Ayurveda for weight loss framework. Some of its attributes towards this end incorporate better digestion, animating oxidation of unsaturated fats in the body, and bringing down blood cholesterol to a healthy level.
  • Guggul : Guggul works exceptionally well in enhancing good cholesterol and happens to be of high worth in Ayurvedic medication for weight loss.
  • Licorice : Licorice is especially useful for the liver and improves the quality of blood in the body, particularly on account of its ability to cut down triglyceride levels.

There are numerous other viable ingredients that feature in Ayurvedic treatment for weight loss, prominently. The key perspective to understand here is that Ayurveda weighs on the natural and simple routes in which one can shed off extra pounds without experiencing mental or physical anxiety.

Diet Plan or No Diet Plan is the Question

When you are on Ayurvedic weight loss supplements, there are no restrictions and significant imperatives as far as one’s daily diet plan is concerned.

That said, obviously one can’t eat oily, fat-laden, and greasy food and after that expect that the solution will work alone!


Also Read : Dhat rog ka ilaj karan aur lakshan in hindi | धात रोग का इलाज


Ayurvedic Herbs for Healthy Weight Loss

The mysterious and captivating universe of Ayurveda is full and overflows with vibrant herbs that can viably battle against any tribulation possible – weight loss included. Hence, in this article, we take a gander at few herbs that are famous for their ability to encourage fat burn so you can achieve that slim and trim, but healthy body, you have always dreamed of!

1. Aloe Vera

Aloe Vera has mind boggling health advantages, one of which that encourages weight loss. The juice of Aloe Vera has been especially noted to have extraordinary capacity for inciting loss of body weight.

On account of Aloe Vera, it is prescribed that you blend it with different herbs for extreme effect. Recommended herbs incorporate cumin seeds, haritiki and giloy, to mention a few examples. For flavor, you can add honey to the herbal blend. In a perfect world, you can take this blend on empty stomach at an early hour of the morning. Not long after, you will begin to notice a significant loss of excess fat!

2. Curry Powder and Curry Leaves

Both curry powder and curry leaves are strong weight loss inducers. That is the reason, when you are on the lookout for an effective Ayurvedic treatment solution for overweight and obesity; it is recommended that you include these herbs in your cooking. Ayurveda weight loss methods

Using Curry Leaves as an Ayurvedic Treatment for Weight Loss | Ayurveda Weight Loss Methods :

With curry leaves, you have various choices;

  1. Boil them and have the liquid elixir.
  2. Blend them with your tea leaves and enjoy the drink.
  3. Add them to your meals, blending them with the foods you eat.
  4. Have them raw.

Whichever approach you take up, you will find the staggering effect of curry leaves in losing weight, particularly on account of their effect on estrogen, which is responsible for producing fat.

Using Curry Powder as an Ayurvedic Treatment for Weight Loss

Curry powder is best has with daily meals, including sprinkling it over soups and plates of mixed greens. Keep in mind that curry powder is made of various flavors and herbs to the likes of coriander seeds, cumin seeds, turmeric, cinnamon, cloves, fenugreek seeds, and many others; each of which has its distinct restorative properties. Consequently, when collectively used, curry powder unquestionably makes an intense Ayurvedic blend that works successfully to combat overweight and obesity.

3. Mint

Mint (Pudina) has to a great effective on weight loss stimulating capacities, thanks to its ability to encourage the gall bladder to discharge extra bile, which obviously makes fat absorption a lot easier, rather than giving it a chance to amass in the body.

With mint or pudina, you can make chutney, blending it with coriander leaves and a tempering of curry leaves over it. You can include some salt and lemon juice to the chutney for added flavor. Once done, you can have this chutney with any meal and soon, you will begin to notice an amazing effect in your body weight. Ayurveda weight loss methods


Also Read :  10 Best Home Remedies For Restless Leg Syndrome


Our Conclusion

There are various Ayurvedic herbs for effective and healthy weight loss. In this article we have shared a few with you, though there are aplenty, which we shall cover gradually. As you dig into the aforementioned herbs and understand the mystical properties that each of them holds – including the capacity to help with healthy weight loss – you will want to add them into your daily diet plan, almost instantly. And we assure that you will begin to experience a sense of positive vigor like never before.

Our Special Pick of the Day | Ayurveda Weight Loss Methods :

What are the other ways to Use Ayurveda to Lose Weight | Ayurveda Weight Loss Methods :

Ayurveda is not just about curative herbs; it is about healthy living. Case in point, if you want a healthy lifestyle, it is vital to get rid of ecological toxins around you. These ecological toxins figure their way into your body and damage you somehow or the other.

Green Tea is a Popular and Most Effective Ayurveda Solution to Healthy Weight Loss. A detoxification of the body using organic green tea can clear your system from free radicals and help you get in shape.

Triphala is another herb that acts as a natural blood cleanser, expelling toxins and ensuring great health.

Another Ayurveda method for healthy weight loss is to time your meals properly. Eat half of your calories at lunch time and have light supper at supper time. This would help maintain a healthy body weight, effectively.


Also Read :  Top 10 home remedies for wart removal | Natural remedies


Why would it be advisable for you to Use Ayurveda as a Natural Treatment for Weight Loss?

Ayurveda is one of the most secure approaches to a healthy life. If you are planning to lose weight, Ayurvedic medicines can help you naturally.  Ayurveda weight loss methods

An effective and healthy weight loss Ayurvedic Treatment should be able to help you, naturally and efficaciously. Ayurvedic Experts have the ability to use a recuperating mix of herbs and other natural ingredients that can battle obesity and overweight regardless of what has caused it. Ayurveda weight loss methods

The obesity and overweight program created by Ayurvedic Experts attack stubborn fat regions like the abdomen, stomach, hips, thighs, and upper arms. These weight loss remedies improve your metabolic rate so that your body can burn fat by converting it into energy. This helps you get rid of even the most resolute fat deposits without lifting a finger. That said, Ayurvedic Treatment for weight loss works best when incorporated with a structured diet plan and a regular 30-minute exercise routine.


Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

23 Ayurveda Tips that are Simple to Follow for Healthy Weight Loss

In a world that consistently inundates us with the next best weight loss diet and eating habit, it can be hard to stay centered and understand what’s really useful and compelling for healthy weight loss.  23 Ayurveda Healthy Weight Loss Tips that are Simple to Follow

Also Read : मानसिक तनाव का कारण और उपचार | Causes of mental stress and treatment

Anxiety is definitely a standout amongst the most critical reasons for weight gain on a global scale, so the exact opposite that we need is to worry about that! Is there an approach to shed those extra pounds and keep it off for good — without losing your rational soundness and hopping from your typical diet regime to eating less just to backslide and begin the cycle once more? There is – and it has been tested for its effectiveness in the past 50 centuries! – it is Ayurveda Treatment.

Ayurveda phenomenon :

Ayurveda, an old phenomenon of natural medication created in India, is the sister science to yoga. It looks to avoid infection and advance health, equalization, and life span through basic rules that take after the regular rhythms of nature, the seasons, and the hour of the day.

So, what is Weight reduction in Types of Ayurvedic Dosha?

As indicated by Ayurveda;

  • The Kapha Dosha type (earth and water) will probably put on weight more effectively.
  • The Vata Dosha type (ether and air) would be thin and without much fat in their body composition.
  • The Pitta Dosha types (fire), who are genuinely gifted with a balanced body weight, could put on weight just in case they lose that balance.

On account of weight increase or overweight or obesity, it is trusted that the Kapha dosha accumulates in the body, which further stalls the fat digestion process and prompts the ailment of obesity and overweight. Thus, Ayurveda trusts that of the three essential types of dosha, those individuals who have a greater amount of Kaha dosha in their framework, have a low BMR and put on weight effortlessly. In this manner, for weight reduction, the Kapha dosha type of individual should be more strict and watchful, in the terms of their eating habits, diet plans, and exercise schedules.

23 Easy and Effective Ayurveda Tips for Healthy Weight Loss :

Our 23 Ayurveda tips can actually and delicately direct you toward embracing healthy weight reduction, without the utilization of chemicals, processed foods, or extraordinary eating routines.

DNS Ayurveda Tip #1

In order to cut down the body weight, or the Medha dhatu, it is crucial to practice medication each day, for the betterment of the body, and the calmness of the mind.

DNS Ayurveda Tip #2

Try not to sleep in the daytime. This must be avoided in all aspects.

DNS Ayurveda Tip #3

Ayurveda Body massages have demonstrated to encourage weight loss. This strategy is called Udvartana and stimulates weight reduction, conditions the skin, evacuates cellulite, extricates fat deposits and disposes them off from the sub-cutaneous level. It likewise expels Kapha toxins from the body. 23 Ayurveda Healthy Weight Loss Tips that are Simple to Follow


Also Read : धातु रोग और गुप्त रोग का इलाज कैसे करें | How to treat venereal disorders


DNS Ayurveda Tip #4

Natural honey is a fabulous home solution for obesity and overweight. It activates the additional saved fat in the body, permitting it to be used as energy for regular functions.

A glass of lukewarm or tepid water with the juice of a lemon and a large teaspoon of natural honey taken early morning on empty stomach is a great way to shed the extra pounds.


  • Begin with a little amount (around 10 grams or a tablespoon) of honey mixed with warm water at an early hour of the morning. A teaspoonful of lemon juice added to this drink can boost weight loss naturally.

Fasting on lime and honey juice is very helpful in the treatment of overweight and obesity without losing appetite and energy.

DNS Ayurveda Tip #5

You can have a glass of warm water mixed with lemon juice and black pepper powder just after waking to invigorate the guts. This helps the whole digestive framework and gives you a new beginning to your day.

DNS Ayurveda Tip #6

Exercising enough to start a sweat is proposed as an every-day morning activity for healthy weight reduction; 45 minutes to an hour is perfect, however even 30 minutes will work. Choose an activity that you can work with for life, or if nothing else for a longer span of time. Once more, we can’t stress enough that exercise is an essential part of any weight loss regime. It uses calories deposited as fat in the body. Also, morning walk is the best way to begin your day with, followed by a light jog or swimming, if possible.

DNS Ayurveda Tip #7

Get 5 to 10 – or more – minutes of peace and relaxation every morning. Mind/body rehearses like yoga, self-reflection, and meditation inspire a calming reaction in the body. This mitigates stress, one of the primary drivers of weight increase. It additionally places us in a more vigilant and current situation with mind, permitting us to be better leaders as our day progresses.

DNS Ayurveda Tip #8

Eat three times a day, without snacking or binging. Food is a quick-burning fuel, and when your body is given a consistent fuel line, it forgets how to stimulate fat burn.

Our tips:

  • Eat a medium-sized meal, somewhere between 7:30 am and 9:00 am.
  • Take your biggest meal, between 11:00 am and 2:00 pm.
  • Eat a smaller meal, between 5:30 pm and 8:00 pm, when your digestive system is weakest.


Also Read : Spirulina ke fayade | स्पिरुलिना के फायदे – Superfood Sirulina


DNS Ayurveda Tip #9

Eat with the season, and ideally the location. Through the long, hot days of summer, Mother Nature offers us high-sugar leafy foods vegetables to keep us cool and empowered. In the fall and winter, the abundance comprises of root vegetables, so put away nuts, seeds and organic products, heavier meats and cheeses, and put away grains to protect us from the chill. In the monsoon days of spring, nature brings us berries, green verdant vegetables, and sprouts to wash down the overwhelming and acidic winter diet. When we eat more of natural and local foods as possible, and devour occasional, whole foods, our bodies actually process and acclimatize supplements and nutrients effectively.

DNS Ayurveda Tip #10

Include all the six tastes: In Ayurveda, there are six tastes: Sweet, Salty, Sour, Bitter, Astringent and Pungent. Make sure to fuse every one of these six tastes into your diet. Sour, Sweet, and Salty tastes are anabolic, or working, in nature and need the Astringent, Bitter, and Pungent tastes, which are catabolic, or burning in nature, to adjust them out. An excessive of sour, sweet, and salty tastes, as found in the standard American eating regimen, can bring about quick weight gain. Food assortments that are pungent, for example, greens; sour, for example, fiery bean stew peppers; and astringent, for example, pomegranate seeds; offer healthy counterpoints to the building way of the sour, sweet, and salty tastes. Healthy Weight Loss Tips

DNS Ayurveda Tip #11

Move around a bit after every dinner. Going for short strolls after every supper empowers digestion and peristalsis. It’s most vital to go for a stroll after lunch, ideally for 10 to 20 minutes, at a moderate pace. If you can, lie on your left side, subsequent to strolling, for 10 minutes to further encourage digestion.

DNS Ayurveda Tip #12

Go to bed when the sun sets, and wake up with sunrise. Taking advantage of our circadian rhythms has a noteworthy hormone-balancing impact. In anthropology, our progenitors had no motivation to stay up late during the night. They would have slept when the sun went down, and possibly sat around a flame or a light for some time before sleeping. The screens that we gaze at, late night, causes incitement in the mind that keeps us awake and wired, after our body actually needs to slow down. Two hours before bed, begin to constrain your screen time. Go to bed before 10:00 pm. Getting a legitimate seven to nine hours sleep through the night gives the body time to detoxify and reset for the following day, and keeps up healthy cortisol levels – an anxiety-reaction hormone that encourages weight gain). Healthy Weight Loss Tips

DNS Ayurveda Tip #13

Eat the biggest supper of the day at lunch and incorporate a wide assortment of cooked, warm foods.

DNS Ayurveda Tip #14

Include fruits, salads, and organic and low calorie foods in your daily diet plan.


Also Read:  क्या गुप्त रोग लाइलाज होते हैं | Is Sexual Disorders are Non-Treatable


DNS Ayurveda Tip #15

Stay away from excessive salt intake as it might be a variable for weight gain.

DNS Ayurveda Tip #16

Cheese, margarine, butter, and similar dairy products and non-vegetarian foods must be avoided as they are rich in fat content.

DNS Ayurveda Tip #17

Mint is extremely useful in encouraging weight loss. Green mint chutney with some basic flavors can be had with meals. Mint tea additionally makes a positive difference to your weight loss regime. Healthy Weight Loss Tips

DNS Ayurveda Tip #18

Flavors like cinnamon, dry-ginger, black pepper and so forth are useful in helping you get in shape and can be utilized in various ways.

DNS Ayurveda Tip #19

Incorporate daily carrot juice intake.

DNS Ayurveda Tip #20

Maintain a strategic distance from rice and potato, which contain starches. Among grains, wheat is a great choice as part of your weight loss diet plan.

DNS Ayurveda Tip #21

Vegetables like karela or bitter gourd and sour assortment of drumsticks are helpful in weight loss.

DNS Ayurveda Tip #22

Raw or cooked cabbage hinders the transformation of sugar and different starches into fat. Subsequently, it is of awesome worth in your weight loss endeavors.

DNS Ayurveda Tip #23

In a glass of warm water, soak a teaspoon of cumin seeds (jeera), and another glass of warm water soak carom seeds (ajwain). Leave it overnight. In the morning, heat this mixture to the point of boiling. Reduce the water to half and drink it early morning, each day. This prevents fluid/water retention in the body, which causes swollen fingers and feet. Healthy Weight Loss Tips

Also Read: Benefits of aloe vera capsule in hindi | एलोवेरा कैप्सूल के फायदे


These 23 natural ways of Ayurveda approach can substantially bring a positive change to your life. That said it is imperatively vital to understand where you are, with the goal to remain sane and not cause stress. Be mindful if you these methods are something you want to take on face on, or if only a few could be included into your daily routine at present.  Healthy Weight Loss Tips It’s alright to take baby steps, if you want to achieve healthy weight loss. Gradually, however clearly, the insight of Ayurveda can lead you through an anxiety-free, healthy weight loss journey.


Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

मानसिक तनाव का कारण और उपचार | Causes of mental stress and treatment

पिछले कुछ सालों में मानसिक तनाव mental stress से जुड़े काफ़ी मामले बहुत ही तेजी से बढ़े हैं । कई सारे मनोचिकित्सक ये मानते हैं कि ये बढ़ोतरी पिछले दस सालों में हज़ार गुनी हो गयी है। चिकित्सीय रूप से तनाव को शरीर के अंदरूनी संतुलन की गड़बड़ी के तौर पर देखा जाता है।

तनाव के कुछ खास निशानदहियाँ होतीं हैं जैसे –

तनाव की वजह से घबराहट,दिल का दौरा, माइग्रेन और तनाव, सिरदर्द, खाने पीने से जुड़ी बीमारियाँ, अल्सर, मलत्याग में दिक्कत, कोलिटिस, डायबिटीज़, कमर दर्द, क्रोनिक फेटीग सिंड्रोम, त्वचा से जुड़ी बीमारियाँ, एलर्जी, सर्दी-खांसी,अस्थमा, अनिद्रा, कंपकंपी, डर, अवसाद, समय से पहले उम्र ढलना वगैरह दिक्कतें होती हैं, हलांकि ये लिस्ट कभी न खत्म होने वाली लिस्ट है

Also read : क्या गुप्त रोग लाइलाज होते हैं | Is Sexual Disorders are Non-Treatable

मानसिक तनाव के लक्षण | Symptoms of Mental Stress :

तनाव के कुछ खास लक्षणों में अनिद्रा नींद का ना आना, ध्यान लगा पाने में कमी, बेचैनी, काम में ध्यान न लगना, अवसाद, नशे की इच्छा होना, ज़्यादा गुस्सा और निराशा, परिवार में झगड़े और शारीरिक बीमारियाँ जैसे हृदय से जुड़ी समस्या, माइग्रेन, सिरदर्द, पेट से जुड़ी परेशानियाँ और कमर से जुड़ी समस्याएँ भी शामिल हैं।

तनाव का कारण | Causes of Mental Stress :

आजकल तनाव और थकान तो ऐसा है जैसे घर का कोई सामान हो।वास्तविक रूप से हर कोई कुछ हद तक तनाव झेलता है। हर किसी को पागलपन से भरी इस जीवनशैली की काली छाया से बचने की जरूरत है, जिसमें शामिल है थकाऊ काम, निरंतर यात्रा, टूटते रिश्ते, गला काट प्रतियोगिता, उम्र और बीमारी से मुकाबला और हमेशा जवान को खूबसूरत बने रहने की चाहत।

उपचार | Treatment:`

बढ़ते तनाव से निपटने के लिए कई तरह के आयुर्वेदिक उपचार हैं।

हर्बल उपचार | Herbal Treatment:

एडेप्टोजेन्स नाम की जड़ी बूटियां बढ़ते तनाव में बहुत फायदा पहुंचाती हैं। यह जड़ी बूटियां तनाव को झेलने की ताकत देती है, इसमें साइबेरियन जिनसेंग, जिनसेंग, वाइल्ड यम, बोराज, मुलैठी, बबूने के फूल, मिल्क थिसल और नेटल शामिल हैं। पारंपरिक रूप से आयुर्वेद अश्वगंधा की जड़, शकपुषादि, ब्राह्मी, जटामानसी, शंखपुष्पी, धात्री रसायन, प्रवल पिष्टी और आंवला का इस्तेमाल करता है जो तनाव को कम करते हैं और वात दोष के असंतुलन को ठीक करते हैं।

अश्वगंधा संपूर्ण दिमाग को तनाव से लड़ने की क्षमता देता है क्योंकि यह मानसिक क्रियाओं में मदद करता है। जटमानसी और ग्रेटर गलंगल भी दिमाग की वाहिकाओं का रास्ता खोलते हैं। ये दिमाग और शरीर को विषैले तत्वों और रुकावटों से बचाते हैं। अश्वगंधा एक तेज और प्राकृतिक शोधन जड़ी बूटी है, लेकिन इसके साथ जटमानसी और ग्रेटर गलंगल के मिश्रण से ये बहुत प्रभावी हो जाती है। यह पाचन की अग्नि को बढ़ाते हैं जिससे आम कम होता जाता है।

Also read : Gathiya treatment | गठिया रोग को दूर करने के लिए 3 आसान उपाय

आहार उपचार | Diet Treatment :

चूंकि तनाव की वजह से शरीर की रक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है ऐसे में पोषण से भरा हुआ आहार लेना काफी फायदेमंद होता है। सही आहार का सेवन करने से तनाव को झेलने में मदद मिलती है जो कि बहुत जरूरी है। आयुर्वेदिक भाषा में कहें तो कम मात्रा में राजसिक और तामसिक भोजन का सेवन करें और अपने आहार में सात्विक भोजन शामिल करें।

कॉफी और बाकी कैफीन वाले पेय से बचें क्योंकि कैफीन वाले पेय तनाव, असहजता, बेचैनी और अनिद्रा पैदा करते हैं। जितना हो सके कार्बोनेटेड पेय और शराब के सेवन से बचें। जानवरों वाले हाई प्रोटीन आहार से भी बचें क्योंकि इससे दिमाग में डोपामाइन और नॉरपिनफ्राइन का स्तर बढ़ता है, इससे बेचैनी और तनाव की मात्रा बढ़ती है। जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा हरी पत्तेदार सब्जियाँ, फल खाएं और फलों का रस पिएँ। मैदा और चीनी वाले उत्पाद, जमे हुआ भोजन, पैकेट बंद या बचा हुए आहार के सेवन से बचें। अपने भोजन में अनाज बढ़ाएं, इससे दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर सिरोटोनिन बनता है जो कल्याण की भावना पैदा करता है।


Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Gathiya treatment, गठिया रोग को दूर करने के लिए 3 आसान उपाय

Gathiya treatment 3 ideas to treat | गठिया रोग को दूर करने के लिए 3 आसान उपाय :

दोस्तों गठिया एक ऐसी समस्या है जो की अधिक उम्र के लोगों में अधिक होती है। यह समस्या हड्डियों के जोडों में यूरिक एसिड के जमा होने से होती है। इससे जोड़ों में असहाय दर्द होने लगता है। इसे अंग्रेजी में आर्थराइटिस भी कहते हैं। जानकारों की मानें तो भारत देश में हर पांच में एक व्यक्ति गठिया रोग से पीड़ित है। Gathiya Treatment

Also read: Spirulina ke fayade | स्पिरुलिना के फायदे – Superfood Sirulina

इससे पहले यह बीमारी केवल बुजर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इससे ग्रसित हो रहे हैं। इस बीमारी में मरीज को चलने में कठिनाई होती है क्योंकि जोड़ों में गांठें बन जाती है। इसका मुख्य कारण हड्डियों में कैल्सियम की कमी भी है। इसके कई प्रकार हैं, जिनमें मुख्य आस्टियो एक्यूट, रूमेटाइट और गाउट हैं। इस बीमारी का इलाज संभव है।

-आए जाने इस वीडियो मे गठिया के बारे मे-

डी.एन.एस. आयुर्वेदा क्लिनिक
गोलागंज, लखनऊ
9918584999, 9918536999

इसके साथ ही कई घरेलू चीज़ों के सेवन से गठिया रोग को दूर किया जा सकता है। आइए जानते हैं-

मेथी | Fenufgreek | Gathiya Treatment :

इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटी आर्थराइटिक के गुण पाए जाते हैं। जबकि मेथी में सैचुरेटेड और अनसैचुरेटेड फैटी एसिड भी अधिक मात्रा में होते हैं। इसके सेवन से गठिया के दर्द में आराम मिलता है। इसके लिए 2 चम्मच मेथी को पानी में उबाल लें। जब पानी ठंडा हो जाए तो उस पानी को पिएं। आप चाहे तो इसे चाय की तरह भी दिन में कई बार पी सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि मेथी की तासीर गर्म होती है तो अपनी शारीरिक क्षमता अनुसार ही इसका सेवन करें।

धनिया | Coriander :

इसमें एंटीऑक्सिडेंट के गुण पाए जाते हैं जो गठिया रोग में फायदेमंद साबित होते हैं। इसके लिए एक चम्मच साबूत धनिया के पाउडर को गुनगुने गर्म पानी में मिलाकर सेवन करें। इसके सेवन से आपको गठिया रोग में आराम देखने को मिल सकता है।

Also read: Kidney stone treatment | केवल 1 हफ्ते में गला कर निकाल

आपका आहार | Your diet | Gathiya Treatment :

गठिया बीमारी से निजात पाने के लिए अपने डाइट में हरी सब्जियों और फलों को जोड़ें। दूध और दही का सेवन करें। आप चाहे तो सुबह और शाम दोनों वक्त दूध का सेवन कर सकते हैं। साथ ही चोकर युक्त आटे की रोटी खाएं। अंकुरित मूंग और चने खाएं।

Facebook Page: Click Here

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

धातु रोग और गुप्त रोग का इलाज कैसे करें, How to treat venereal disorders

धातु रोग और गुप्त रोग का इलाज कैसे करें | How to treat dhat and venereal disorders :

धातु रोग क्या होता है What is Dhatu rog? :

जब कोई पुरुष सेक्स करने के लिए उत्तेजित हो जाता है तब उसके लिंग में से पानी के रंग जैसी पतली लेस बाहर निकलने लगती है | लिंग में बहुत ज्यादा उत्तेजना आने से वीर्य बाहर भी आ सकता है | अगर कोई पुरुष काफी देर तक उत्तेजित रहा तो पुरुषों के लिंग से वीर्य भी बाहर निकल जाता है | Venereal disorders

बहुत सारे लोगों को यह समस्या होती है, बहुत सारे पुरुष तो ऐसे होते हैं जो हमेशा सेक्स के बारे में सोचते रहते हैं | अगर आपको भी हमेशा से इसके बारे में सोचने की और पोर्न वीडियोस देखने की आदत है तो यह आदत आपने जल्द से जल्द छोड़नी चाहिए नहीं तो आपको धातु रोग होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है |

Also Read : Dhat rog ka ilaj karan aur lakshan in hindi | धात

अगर आपको सपने में खुद को सेक्स करते हुए देखने की आदत है तो भी आपको धातु रोग होने की संभावना ज्यादा होती है | अगर आपको यह समस्या नहीं होनी चाहिए तो आपने सबसे पहले खुद के मन पर काबू रखना बहुत ज्यादा जरूरी है, अगर आप खुद के मन पर काबू नहीं रखोगे तो आपको गुप्तांगों की और गुप्त रोग की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ती हुई नजर आएगी |

धातु रोग और गुप्त रोग के प्रमुख कारण | Main reasons of Dhatu rog and venereal disorders :

किसी भी प्रकार के गुप्त रोगों के शत प्रतिशत उपचार के लिए संपर्क करें:

जैसा की हमने पहले बताया कि आपने खुद के मन पर काबू रखना चाहिए, वैसे ही गुप्त रोग से बचने के लिए आपने खुद के शरीर पर काबू रखना सीख लेना चाहिए | अगर आप हमेशा कामुक और अश्लील विचार करते हो तो आपको धातु रोग बहुत ज्यादा हो सकता है| अगर आप दिनभर किसी ना किसी काम में बिजी हो तो आपने अन्य विचार आपके मन में नहीं लाना चाहिए |

कुछ अन्य कारण | Some other reasons of venereal disorders :

अगर आपका मन शांत नहीं रहेगा तो आपको धातु रोग हो सकता है, हर रोज बहुत ज्यादा तनाव में रहने से भी धातु रोग होता है | इसलिए कभी भी किसी भी बात का ज्यादा तनाव ना ले, जिस बात का आप तनाव लेते हो उस तनाव को आपने काल्ड से जल्द जिंदगी से निकाल देना चाहिए | आपने जितना हो सके उतना खुश रहने का प्रयास करना चाहिए |
अगर आप को बुढापे में धातु रोग की समस्या आती है तो आपने ज्यादा मात्रा में दवाइयों का सेवन कम कर देना चाहिए | बहुत ज्यादा मात्रा में विभिन्न दवाइयों का सेवन करने से भी धातु रोग होने की संभावना होती है | क्योंकि बाजार में बहुत सारी दवाइयां ऐसी मिलती है जिनमें केमिकल्स की मात्रा ज्यादा होती है |

Also Read : Penis Enlargement | Ling Ko Bada Karna | लिंग को बड़ा

शरीर में केमिकल की मात्रा ज्यादा होने पर धातु रोग और गुप्त रोग हो सकता है | अगर आप हमेशा सशक्त रहोगे तो आपको बीमारी होने की संभावना ही नहीं है, अगर आपको बीमारी नहीं होगी तो आप विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल नहीं करोगे जिससे आप हमेशा स्वस्थ रहोगे |

धातु रोग की चिकित्सा के आयुर्वेदिक तरीके | Ayurvedic treatment procedure of Dhatu rog or venereal disorders:

गुप्तरोग को जिंदगी से निकालने के लिए आपने आपकी जीवनशैली को सुधारना बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है | धातु रोग होने से आपके शरीर में पूरी तरह से शिथिलता जाती है जिसके कारण आप आपके सेक्स पार्टनर के साथ सेक्स नहीं कर पाते हो |

  1. धातु रोग होने पर आपने हर रोज सुबह आंवले का सेवन करना चाहिए, प्रतिदिन सुबह अगर आप खाली पेट आंवले के रस को शहद में डालकर यह मिश्रण खाते हो तो आपका शरीर बिल्कुल मजबूत बनने लगेगा | आंवला धातु के रोग को नष्ट करने के लिए एक बहुत ही जाना माना होता है,
  2. शाम के वक्त भी आपने शहद और दूध का सेवन करना चाहिए जिससे धातु रोग कम करने के लिए आपको लाभ मिलेगा |
  3. धातु रोग कम करने के लिए अपने हर रोज ३ से ४ ग्राम तुलसी के बीज और चीनी का सेवन करना चाहिए, अगर आप खाना खाने के बाद तुलसी के पत्तों का सेवन करते हो तो आपको इस समस्या से छुटकारा मिलेगा |
    सेक्स करने से पहले या दिन में कभी भी आप मूसली का सेवन करोगे तो आपको धातु रोग नहीं होगा |
  4. हर रोज ५०० ग्राम गाय के दूध के साथ आपने मूसली चूर्ण डालकर यह दूध पी लेना चाहिए | मूसली चूर्ण पीने से आपके शरीर में शक्ति आती है, शरीर में पर्याप्त मात्रा में शक्ति होने पर आप धातु रोग पर काबू मिला सकते हो |
  5. उड़द की दाल खाने से भी धातु रोग और गुप्त रोग नहीं होता है | उड़द की दाल धातु रोग पर जबरदस्त परिणामकारक साबित होता है | गर्मी के दिनों में ज्यादा मात्रा में उड़द की दाल ना खाए क्योंकि उड़द की दाल गर्म होती है |

धातु रोग होने के लक्षण जान ले | Let us know symptoms of dhau rog :

जब किसी पुरुष को धातु रोग होता है तब उसके लिंग के मुख से लार टपकना शुरू हो जाता है | पुरुषों का वीर्य पूरी तरह से पानी जैसा पतला हो जाता है जिससे पुरुष के शरीर में पूरी तरह से कमजोरी आ जाती है |
पुरुष अगर किसी भी बात का तनाव लेता हैं तो उन्हें धातु रोग की समस्या और ज्यादा होने लगती है | धातु रोग होने से पुरुषों का पेट बिल्कुल साफ नहीं रहता है, जिससे उनको विभिन्न बीमारियां होने की संभावना होती है |

Also Read : लिंग में ढीलापन, लिंग मे तनाव ना आना | Ling mein dheelepan ka karan

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

क्या गुप्त रोग, लाइलाज, होते हैं, Is Sexual Disorders are Non-Treatable

क्या गुप्त रोग लाइलाज होते हैं | Is Sexual Disorders are Non-Treatable :

यदि किसी गुप्त रोग की आशंका हो या खुद को सैक्स करने में सक्षम न समझें तो तुरंत किसी योग्य यौन रोग विशेषज्ञ से सलाह लें, यकीनन गुप्त रोग का इलाज है:

Also Read : छोटे लिंग से हैं परेशान तो यह है असली समाधान

सैक्स का जिक्र आते ही युवा मन में एक विशेष प्रकार की सरसराहट होने लगती है. मन हसीन सपनों में खो जाता है, क्योंकि यह प्रक्रिया है 2 जवां दिलों के आपसी मिलन की |

आम धारणा | Normal assumptions :

अक्सर युवा इस तरह की समस्या को अपनी शारीरिक कमजोरी या गुप्त रोग मान लेते हैं और उन्हें लगता है कि वे कभी शारीरिक संबंध स्थापित नहीं कर पाएंगे, कई सारे युवा अपने मन की बात किसी से शर्म के कारण नहीं कर पाते और हताशा का शिकार हो कर आत्महत्या तक कर लेते हैं, कुछ युवा नीमहकीमों या झोलाच्छाप डाक्टरों के चक्कर में पड़ जाते हैं जो उन्हें पहले नामर्द ठहराते हैं और फिर शर्तिया इलाज की गारंटी दे कर लूटते हैं,

Also Read : Top 10 Home Remedies for Piles that are Effective

युवाओं को समझना चाहिए कि ऐसी समस्या मानसिक स्थिति के कारण उत्पन्न होती है, डी.एन.एस. आयुर्वेदा के प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डा.नदीम अहमद  का कहना है कि ‘पहली रात में सैक्स न कर पाना एक आम सी समस्या है, क्योंकि युवाओं को सैक्स की जानकारी नहीं होती, वे सैक्स को भी अन्य कामों की तरह निबटाना चाहते हैं, जबकि सैक्स में धैर्य, संयम और आपसी प्रेम अत्यंत आवश्यक होता है,

सैक्स से पहले फोरप्ले जरूरी है, इस से रक्त संचार तेज होता है और पुरुष के अंग में पर्याप्त कसाव या तनाव आता है, कसाव आने पर ही सैक्स क्रिया का आनंद आता है और वह पूर्ण भी तभी होती है. इसलिए युवाओं को सैक्स की समस्या को गुप्त रोग नहीं समझना चाहिए, यदि फिर भी कोई समस्या है तो विश्ेषज्ञ की राय ज़रूर लें,

दोस्तों आइए, एक नजर डालते हैं कुछ खास यौन संबंधी रोगों पर :

शीघ्रपतन | Premature Ejaculation :

अकसर युवाओं में शीघ्रपतन की समस्या पाई जाती है, यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि दिमागी विकारों व कुछ हद तक दौर्बलयता की वजह से ऐसा होता है, इस समस्या में युवा अपने पार्टनर को पूरी तरह से संतुष्ट करने से पहले ही स्खलित हो जाते हैं, यह बीमारी वैसे तो दिमागी नियंत्रण से ठीक हो जाती है, लेकिन अगर समस्या तब भी बनी रहे तो किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श ले कर इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है,

Dhat rog ka ilaj in hindi, dhat, dhat ka ilaj, dhat rog, gupt rog, spermatorrhoeaडी.एन.एस. आयुर्वेदा क्लिनिक
गोलागंज, लखनऊ
9918584999, 9918515999

नपुंसकता | Erectile Dysfunction :

नपुंसकता जैसी समस्या होने के कई सारे कारण होते हैं, इस रोग से ग्रसित लोग स्त्री को शारीरिक सुख देने में सक्षम नहीं होते और न ही संतान पैदा कर पाते हैं, कुछ युवाओं में क्रोमोसोम्स की कमी भी नपुंसकता का कारण होती है, युवाओं को शादी से पहले पता ही नहीं चलता कि उन के क्रोमोसोम्स या तो सक्रिय नहीं हैं या उन में दोष है,

Also Read : Penis Enlargement | Ling Ko Bada Karna | लिंग को बड़ा

कुछ युवा शुरू में नपुंसक नहीं होते पर अन्य शारीरिक विकारों की वजह से वे सैक्स क्रिया सही तरीके से नहीं कर पाते, इसलिए उन को नपुंसक की श्रेणी में रखा जाता है, आजकल तो इंपोटैंसी टैस्ट भी उपलब्ध हैं, अगर ऐसी कोई समस्या है तो इस टैस्ट को अवश्य कराएं,

पुरुष हारमोंस की कमी | Lack of Male Hormones :

पुरुषों में टैस्टेटोरोन नाम का हारमोन बनता है, यही हारमोन पुरुष होने का प्रमाण है कभी कभी किसी वजहों से टैस्टेटोरोन का स्राव होना बंद हो जाता है तो वह व्यक्ति इस रोग का शिकार हो जाता है, 50 से 55 वर्ष की आयु के बाद इस हारमोन के बनने की गति धीमी पड़ जाती है इसलिए ऐसे व्यक्ति सैक्स क्रिया में जोश से वंचित रह जाते हैं,

सिफलिस | Syphilis :

यह वाकई एक गुप्त रोग है जो ज़्यादातर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने से होता है, अकसर यह रोग सफाई न रखने या ऐसे पार्टनर से सैक्स संबंध कायम करने से होता है जो अलग अलग लोगों से सैक्स संबंध बनाता है, इस रोग में यौनांग पर दाने निकल आते हैं, कभी कभी इन दानों से खून या मवाद का रिसाव तक होता रहता है, यदि आप के यौन अंग पर ऐसे दाने उभरते हैं तो तुरंत त्वचा व गुप्त रोग विशेषज्ञ से राय लें और इसका उपचार कराएं, इस समस्या का इलाज संभव है,

Also Read : Kidney stone treatment | केवल 1 हफ्ते में गला कर निकाल

जिस तरह पुरुषों में यौन या गुप्त रोग होते हैं, उसी तरह महिलाओं में भी गुप्त रोग हो सकते हैं. अकसर बहुत सी युवतियों की सैक्स में रुचि नहीं होती, सैक्स के नाम से वे घबरा जाती हैं ऐसी युवतियां या तो बचपन में किसी हादसे का शिकार हुई होती हैं या फिर किसी गुप्त रोग से पीडि़त होती हैं, यहां तक कि वे शादी करने तक से घबराती हैं,

किसी भी प्रकार के गुप्त रोगों के शत प्रतिशत उपचार के लिए संपर्क करें:

महिलाओं के कुछ खास गुप्त रोग :

बांझपन | Infertility :

युवतियों में 12-13 वर्ष की उम्र से माहवारी आनी शुरू हो जाती है, कभी कभी यह 1-2 साल आगे पीछे भी हो जाती है पर ऐसी भी युवतियां हैं जिन के माहवारी होती ही नहीं, ऐसी युवतियां बांझपन का शिकार हो जाती हैं, स्त्री बांझपन भी पुरुष नपुंसकता की तरह जन्मजात रोग है, बहुतों में अनेक शारीरिक व्याधियों के चलते भी हो जाती है लेकिन वह अस्थायी होती है और इलाज से ठीक भी हो जाता है, अगर किसी किशोरी को माहवारी की समस्या है तो उसे तुरंत किसी योग्य स्त्रीरोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए,

जननांगों में खुजली | Etching in reproductive organs:

जब से समाज में खुलापन आया है युवा मस्ती में कब हदें पार कर देते हैं पता ही नहीं चलता. चूंकि इन्हें जननांगों की साफसफाई कैसे रखी जाए, यह पता नहीं होता इसलिए ये खुजली जैसे यौन संक्रमणों का शिकार हो जाते हैं. यदि बौयफ्रैंड को कोई यौन संक्रमण है तो गर्लफ्रैंड को इस यौन संक्रमण से बचाया नहीं जा सकता. अत: दोनों को ही शारीरिक संबंध बनाने से पहले अपने यौनांगों की अच्छी तरह सफाई कर लेनी चाहिए.

एंड्रोजन हारमोन का अभाव |Lack of Androgen Hormones :

जिस तरह पुरुषों में पुरुष हारमोन टैस्टेटोरोन होता है, उसी तरह युवतियों में एंड्रोजन हारमोन होता है. जिन युवतियों में इस हारमोन की कमी होती है, उन में सैक्स के प्रति उत्साह कम देखा गया है, क्योंकि यही हारमोन सैक्स क्रिया को भड़काता है. यदि कोई युवती एंड्रोजन हारमोन की कमी का शिकार है तो उसे तुरंत गाइनोकोलौजिस्ट से राय लेनी चाहिए. यह कोई लाइलाज रोग नहीं है.

लिकोरिया | Leucorrhoea :

लिकोरिया गंदगी की वजह से होने वाला एक महिला गुप्त रोग है. इस रोग में योनि से सफेद बदबूदार पानी का स्राव होता रहता है, जिस से शरीर में कैल्शियम व आयरन की कमी हो जाती है. इस रोग से बचने के लिए युवतियों को अपने गुप्तांगों की नियमित सफाई रखनी चाहिए और किसी दूसरी युवती के अंदरूनी वस्त्र नहीं पहनने चाहिए. लिकोरिया की शिकार युवतियों को तुरंत लेडी डाक्टर से सलाह लेना चाहिए, वरना यह रोग बढ़ कर बेकाबू हो सकता है.

Also Read : Dhat rog ka ilaj karan aur lakshan in hindi | धात

सैक्स में भ्रांतियां न पालें :

सैक्स की अज्ञानता की वजह से अकसर युवकयुवतियां सैक्स को ले कर तरहतरह की भ्रांतियां पाल लेते हैं.

हस्तमैथुन | Masturbation :

यह एक स्वाभाविक क्रिया है, अकसर युवकों को हस्तमैथुन की आदत पड़ जाती है, ज्यादा हस्तमैथुन करने वाले युवकों को लगता है कि उन का अंग छोटा या टेढ़ा हो गया है और वे विवाह के बाद अपनी पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने में कामयाब नहीं होंगे,

कई नीमहकीम भी युवकों को डरा देते हैं कि हस्तमैथुन से अंग की नसें कमजोर पड़ जाती हैं और वे अपनी पत्नी को खुश नहीं रख सकेंगे, पर वास्तव में ऐसा नहीं है. हस्तमैथुन शरीर की आवश्यकता है, शरीर में वीर्य बनने पर उस का बाहर आना भी जरूरी है, इस में किसी प्रकार की कोई बुराई नहीं है, युवक ही नहीं युवतियां भी हस्तमैथुन करती हैं, डाक्टरों का भी मत है कि हस्तमैथुन का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता,

ज्यादा सैक्स सेहत के लिए हानिकारक :

अकसर लोगों को यह कहते सुना जाता है कि ज्यादा सैक्स सेहत के लिए हानिकारक है पर ऐसा बिलकुल भी नहीं है. बल्कि सैक्स से महरूम रहना सेहत पर असर डालता है, सैक्स से मानसिक थकावट कम होती है, चित्त प्रफुल्लित रहता है जो सेहत के लिए अत्यंत जरूरी है,

Also Read : लिंग में ढीलापन, लिंग मे तनाव ना आना | Ling mein dheelepan ka karan

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.


Theme Settings

Please implement FLYTHEME_Options_pages_select::getCpanelHtml()

Please implement FLYTHEME_Options_editor::getCpanelHtml()