Piles Hemorrhoids Diet in Hindi | बवासीर (पाइल्स) के लिए समुचित आहार

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Piles Hemorrhoids Diet in Hindi | बवासीर (पाइल्स) के लिए समुचित आहार

बवासीर के दौरान क्या आहार लें ?

बवासीर को दूसरे शब्दो को हेमोर्रोइड्स कहा जाता है। यह एक ऐसा रोग है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। बवासीर से पीड़ित लोगो को समझ नहीं आता है की आहार में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं। गलत खान पान होने के कारण बवासीर की समस्या उभरने लगती है। बहुत से लोग मल न त्यागने के वजह से क्रीम या दवा का उपयोग करते है। Piles Hemorrhoids Diet in Hindi

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अत्यधिक दवा पर निर्भर होने के बजाय अपने भोजन में बदलाव करने की जरूत होती है। चलिए आज के लेख में आपको बवासीर (पाइल्स) के लिए आहार के बारे में विस्तार से बताते हैं।

  • बवासीर में क्या खाना चाहिए ? | (Foods for Piles in Hindi) 
  • बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए ? | (Foods to Avoid in Piles in Hindi) 
  • बवासीर के लिए अन्य टिप्स ? | (Other tips for Piles in Hindi) 

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बवासीर में क्या खाना चाहिए ? | Foods for Piles in Hindi  :

बवासीर के बारे में आपको पता है होगा इसमें मल त्याग करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक चिकित्सक बवासीर से पीड़ित व्यक्ति को फाइबर युक्त आहार का सेवन करने की सलाह देता है। फाइबर मल त्यागने की क्रिया को सरल बनाता है।

  1. ब्रोकली का सेवन लाभदायक – बवासीर से पीड़ित लोगो को ब्रोकली का सेवन फायदेमंद होता है। इसमें उच्च मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जो मल को उत्तेजित करता है। इसके अलावा सूजन व रक्तस्राव को कम करता है। बवासीर को बढ़ने से रोकता है रक्त वाहिकाओं में मल रुकने के कारण जलन को कम करता है।  Piles Hemorrhoids Diet in Hindi
  2. अनाज का सेवन बवासीर में फायदेमंद – कुछ विशेषज्ञ के अनुसार आहार में अनाज शामिल करने से बहुत फायदा मिलता है। अनाज में अच्छी मात्रा में फाइबर उपस्तिथ होता है जो मल को नरम बनाता है और कब्ज होने नहीं देता है। अनाज में दलिया व गेहूं बवासीर में उपयुक्त माना गया है।
  3. फलिया के फायदे पाइल्स में – बवासीर में क्या खाना सही होता है यह सोच सभी के दिमाग में आता है। तो आपको बता दे, कुछ शोध के अनुसार फलिया का सेवन करना फायदेमंद होता है। फलियों में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है जो बवासीर की समस्या को कम करता है। जैसा की पहले भी बताया फाइबर मल को नरम करने में मदद करता है और बवासीर के लक्षण को कम करता है।
  4. शिमला मिर्च के फायदे – बवासीर के मरीज को भोजन में शिमला मिर्च को जरूर शामिल करना चाहिए। कुछ शोध के मुताबिक शिमला मिर्च बवासीर के लक्षण को कम करने में मदद करता है। इसलिए बवासीर की समस्या होने पर शिमला मिर्च का सेवन करना चाहिए।
  5. स्क्वाश बवासीर में लाभदायक – बवासीर में सब्जियों का सेवन किया जाता है उसमे एक सब्जी स्क्वाश है। इसमें कुछ ऐसे गुण मौजूद है जो बवासीर की समस्या को कम करने में फायदेमंद है। इसके अलावा उच्च मात्रा में फाइबर होता है यह मल को त्यागने में आसान बनाता है। बवासीर से पीड़ित लोगो को अपने आहार में स्क्वाश को शामिल करना चाहिए।
  6. तरल पदार्थ का अधिक सेवन करें – बवासीर के मरीजों को अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। एक दिन में कम से कम सात से आठ ग्लास पानी पीना चाहिए। इसके अलावा फलो के जूस जैसे गाजर या सेब के जूस भी पी सकते है। कुछ विशेषज्ञ के मुताबिक अधिक तरल पदार्थ लेने से बवासीर की समस्या कम होने लगती है।

बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए | Foods to Avoid in Piles in Hindi :

बहुत से लोगो में कब्ज के कारण बवासीर की समस्या होती है, ऐसे में कुछ निम्न आहार का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • यदि किसी व्यक्ति को बवासीर है तो उनको आइसक्रीम नहीं खाना चाहिए।
  • पैक बंद फूड्स खाने से बचना चाहिए।
  • बवासीर ग्रस्त लोगो को पनीर व चीज का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • बाहर के जंक फूड या चिप्स का सेवन न करें।
  • मैदे युक्त चीजों का सेवन करने से परहेज करे।
  • अत्यधिक तेल व मसाले युक्त भोजन न करें।

अन्य टिप्स | Other Piles Hemorrhoids Diet tips :

बवासीर की समस्या देखने में आम है लेकिन बढ़ने पर बहुत दर्द व पीड़ा का कारण बनता है। अधिकतर खराब जीवनशैली होने से कब्ज व बवासीर की समस्या होती है। कुछ निम्न बदलाव करने से बवासीर की समस्या को कम किया जा सकता हैं।  Piles Hemorrhoids Diet in Hindi

  • रोजाना सुबह उठकर चलना फिरना या व्यायाम, योगा करना चाहिए।
  • लंबे समय तक बैठने से बचें क्योंकि बहुत लंबे समय तक बैठेने से विशेष रूप से शौचालय पर, तो गुदा में नसों पर दबाव बढ़ सकता है।
  • यदि आपको मल त्यागने का अनुभव हो रहा है तो शौच के लिए जाना चाहिए। ऐसा न करने से मल सुख जाता है और मल त्यागना कठिन हो जाता है।
  • अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीना चाहिए, इससे मल को नरम रखने में मदद मिलता है। दिन में छह से आठ गिलास पानी और अन्य तरल पदार्थ पीएं। लेकिन (शराब नहीं) पीना है।
  • फाइबर युक्त भोजन अपने आहार में शामिल करना चाहिए।

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अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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