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Kidney stone treatment | केवल 1 हफ्ते में गला कर निकाल देगा ये खास नुस्ख़ा

Kidney stone treatment with home remedies | खास नुस्ख़ा :

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ग़लत खानपान और प्रदूषित पानी के कारण कई लोग पथरी

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यानिकी किड्नी स्टोन जैसे घातक रोग की समस्या से परेशन हैं। इसका इलाज कराना काफी महंगा होता है, जो केवल होम्योपैथ या आयुर्वेद में है। इसके इलाज में काफी लंबा समय तो लगता ही है, Kidney stone Treatment

साथ ही खाने पीने का परहेज मरीज़ को शारीरिक रूप से और भी कमजोर कर देता है। वहीं ऐलोपैथी में इसका सिर्फ एक निराकरण है और वो ये कि, रोगी को ऑपरेशन कराना होता है जिसके कई सारे साइड इफेक्ट होते हैं, जो की जीवनभर व्यक्ति के साथ चलते रहते हैं और इस बात की भी गारंटी नहीं होती है कि, दौबारा से ये समस्या होगी या नहीं,

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ऐसे में लोगों की सोच | Kidney Stone Treatment :

इन सभी समस्याओं को देखते हुए कई सारे लोग इस रोग का इलाज कराने में भी हिचकिचाते हैं। जब किसी के किडनी में पथरी होती है तो उसके दर्द का अंदाज़ा सिर्फ रोगी ही लगा सकता है। परंतु, अगर समय रहते इसका इलाज ना किया जाए, तो हर रोज़ के हिसाब से इसका दर्द बढ़ता ही जाता है। और अंत में ये किडनियां फेल होने का ख़तरा बन जाता है। किडनी इंसानी शरीर का कितना महत्वपूर्ण अंग है ये तो सभी जानते ही हैं, अगर व्यक्ति की एक किडनी ही खराब हो जाए, तो उसका जीवन किसी विकलांग व्यक्ति से कम नहीं रह जाता।

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डॉक्टरी सलाह | Doctor Advice :

डी.एन.एस.आयुर्वेदा के सुप्रसिद्ध डॉ. नदीम अहमद बताते हैं की किडनी में पथरी होने का सबसे बड़ा कारण हमारा खान-पान होता है। उन्होंने यह भी बताया कि, यदि पानी में केल्शियम और हार्डनेस भारी मात्रा हो तो यह भी लोगों की किडनी में पथरी होने का एक बड़ा कारण हो सकता है, उन्होंने सलाह दी कि, अगर संभव हो तो घर में सही टीडीएस वाले वाटर प्यूरिफायर लगवाएं या फिर खाने-पीने में इस्तेमाल होने वाले पानी को ब्वाइल करके ही अपने इस्तेमाल में लें।

साधारण उपाय | Simple ways :

आज हम आपको किडनी में पथरी जैसे गंभीर रोग से राहत पाने के लिए कुछ उपाय बताएंगे। जिसे आजमा कर आप इस गंभीर समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। तो आइए जानते हैं, उन उपायों के बारे में।

आपको बता दें हमारे शरीर में होने वाली पथरी मुख्य रूप से चार प्रकार की हो सकती है जैसे कि :

  1. सिस्टीन पथरी- अनुवांशिक कारणों से।
  2. स्ट्राव्हाइट पथरी- पेशाब में इन्फेक्शन होने से।
  3. कैल्शियम पथरी- यह सबसे ज्यादा होती है।
  4. यूरिक एसिड पथरी- यह कम या दीषित पानी पीने से होती है।

दो खास उपाय | Two Special Ways for kidney stone treatment:

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पहला उपाय | First Way :

पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको एक गिलास पानी और दो प्याज की आवश्यकता होगी। एक बर्तन में प्याज और पानी ले और अच्छी तरह से पकाएं। प्याज का अर्क पूरी तरह पानी में उतर जाने पर उसे गैस से उतार लें। ठंडा होने पर इसे मिक्सी में पीस लें। इसके बाद एक ग्लास में इसका रस कपड़े में छानकर निकाल लें। इसका सेवन रोज़ाना सुबह उठने के बाद और सोने से पहले करें। तीन दिनों तक इस प्रक्रिया को जारी रखें, नतीजे आपके सामने होंगे।

दूसरा उपाय | Second Way :

पपीते की जड़ को सुखाकर उसका पाउडर बना लें। अब इसे आधे ग्लास पानी में 6 ग्राम पाउडर मिलाकर अच्छी तरह से घोल लें। अब इस पानी को कपड़े की सहायता से छान लें और इसका सेवन करें। इस उपाय को 15 से 20 दिनों तक करने पर पथरी घुलना शुरु हो जाएगी और पेशाब के रास्ते निकल जाएगी।

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अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करें, डी.एन.एस.आयुर्वेदा इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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योगासन से दूर करें नपुंसकता | Impotency treatment from yoga

योगासन द्वारा नपुंसकता का उपचार | Treatment of impotency from Yoga :

पुरुष के प्राइवेट पार्ट का पूर्ण उत्तेजित ना होने के कारण पुरुष का स्त्री के साथ शारीरिक संबंध सही तौर पर नहीं बना पाता है. ऐसी स्थिति को नपुंसकता कहा जाता है. नपुंसक व्यक्ति स्त्री से घबराने लगता है और उसे जीवन नीरस लगने लगता है. योगासन से दूर करें नपुंसकता, Impotency treatment from yoga

आइए हम आपको ऐसे 5 योगासनों के बारे में बताते हैं जिनके रोज़ अभ्यास से नपुंसकता दूर भाग जाएगी.

नपुसंकता क्या है, Napunsakta kya hai in hindi, What is impotency 2

5 सरल योगासन: 

पश्चिमोत्तानासन | Pashchimottasana :

  • सबसे पहले आप जमीन पर बैठ जाएं.
  • अब आप दोनों पैरों को सामने फैलाएं.
  • पीठ की पेशियों को ढीला छोड़ दें.
  • सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर लेकर जाएं.
  • फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें.
  • आपको अपने हाथ से पैर की उंगलियों को पकड़ने का और नाक को घुटने से सटाने का प्रयास करना है.
  • धीरे-धीरे सांस लें, योगासन से दूर करें नपुंसकता, Impotency treatment from yoga
  • फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें और अपने हिसाब से इस अभ्यास को धारण करें.
  • धीरे-धीरे इसकी अवधि को बढ़ाते रहें.
  • यह एक चक्र हुआ. इस तरह से आप 3 से 5 चक्र करें.

नपुंसकता का इलाज करने के लिए संपर्क करें:

डी.एन.एस.आयुर्वेदा क्लिनिक

गोलागंज, लखनऊ (यूपी)

व्हाट्स ऐप : +91-9918536999

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उत्तानासन | Uttasana :

  • सबसे पहले एक समतल जगह पर दरी बिछाकर खड़े हो जाएं.
  • अपने पैरों को थोड़ी दूरी पर रखें और कंधों को एकदम सीधा रखें.
  • आप जब खड़े रहेंगे तो शक्तिशाली तरीके से खड़े रहें.
  • अपने पैरों के पंजे पर अपना वजन नियंत्रण रखें.
  • अब सामान्य तरीके से सांस लें और कमर से नीचे की ओर झुक जाएं.
  • आपको इस तरह से झुकना है कि आपका सीना आपके घुटनों को छुए.
  • ना छुए फिर भी कोशिश जारी रखें.
  • ऐसे में रहते वक्त आपके घुटने सीधे रहना चाहिए.
  • इस आसन के दौरान अपनी आंखों को बंद ना करें.
  • इस आसन से सामान्य स्थिति में आने के लिए अपने हाथों को अपने नितम्ब पर रखकर सहारा दे और सांस लेते हुए पहले की अवस्था में आ जाएं.

नपुंसकता के लक्षण पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

नपुंसकता के कारण पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

बद्धकोणासन | Baddhakonasana :

  • सीधा बैठें और अपने पैरों को स्ट्रैच करें.
  • अब सांस लें और अपने घुटनों को इस तरह से मोड़ें कि आपकी एड़ी पेल्विक मसल्स की तरफ हो.
  • आप अपनी एड़ियों को पेल्विस के पास जितना ला सकते हैं लाएं.
  • अब अपने हाथ के अंगूठे और पहली अंगुली का इस्तेमाल करते हुए अपने पैर के अंगूठे को पकड़ें.
  • ध्यान रहे अपने पैरों के बाहरी किनारों को हमेशा फर्श पर दबाएं.
  • ध्यान रहे आपके कंधे और कमर सीधी मुद्रा में हों.
  • अपने जांघ की हड्डियों को जमीन से स्पर्श कराने की कोशिश करें.
  • ऐसा करने से अपने आप आपके घुटने जरुरत के हिसाब से नीचे झुकेंगे.
  • इस मुद्रा में 1-5 मिनट तक रहें. योगासन से दूर करें नपुंसकता, Impotency treatment from yoga
  • सांस लें और अपने घुटनों को उठाएं और पैरों को फैलाएं.

जानुशीर्षासन | Janushirshasana :

  • पैरों को सामने की ओर सीधे फैलाते हुए बैठ जाए,
  • रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. बाएं घुटने को मोड़ें,
  • बाएँ पैर के तलवे को दाहिनी जांघ के पास रखें,
  • बायां घुटना ज़मीन पर रहे. सांस भरें,
  • दोनों हाथों को सिर से ऊपर उठाएं,
  • खींचें और कमर को दाहिनी तरफ घुमाएं.
  • सांस छोड़ते हुए कूल्हों के जोड़ से आगे झुकें,
  • रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए,
  • ठुड्डी को पंजों की और बढ़ाएं.
  • अगर संभव हो तो अपने पैरों के अंगूठों को पकड़ें,
  • कोहनी को जमीन पर लगाएं,
  • अंगुलियों को खींचते हुए आगे की ओर बढ़ें.
  • सांस रोकें. सांस भरें,
  • सांस छोड़ते हुए ऊपर उठें,
  • हाथों को बगल से नीचे ले आएं.
  • पूरी प्रक्रिया को दाएं पैर के साथ दोहराएं.

For Treatment of Impotency Contact:

DNS Ayurveda Clinic

Golaganj, Lucknow (UP)

What’s App no. +91-9918536999

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धनुरासन | Dhanurasana :

  • पेट के बल लेटकर, पैरों में नितंब जितना फासला रखें और दोनों हाथ शरीर के दोनों ओर सीधे रखें.
  • घुटनों को मोड़ कर कमर के पास लाएं और घुटिका को हाथों से पकड़ें.
  • श्वास भरते हुए छाती को ज़मीन से उपर उठाएं  और पैरों को कमर की ओर खींचें.
  • चेहरे पर मुस्कान रखते हुए सामने देखिए. योगासन से दूर करें नपुंसकता, Impotency treatment from yoga
  • श्वासोश्वास पर ध्यान रखे हुए, आसन में स्थिर रहें,
  • अब आपका शरीर धनुष की तरह कसा हुआ है.
  • लम्बी गहरी श्वास लेते हुए, आसन में विश्राम करें.
  • सावधानी बरतें आसन आपकी क्षमता के अनुसार ही करें,
  • जरूरत से ज्यादा शरीर को ना कसें. 15-20 सेकेन्ड बाद,
  • श्वास छोड़ते हुए, पैर और छाती को धीरे धीरे ज़मीन पर वापस लाएं.
  • घुटिका को छोड़ेते हुए विश्राम करें

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Importance of meditation in healthy lifestyle

जीवन में हम सभी, कभी ना कभी इस विषय में जानने के लिए उत्सुक हुए हैं  जिस तरह का आप जीवन जीते हैं, आपकी जीवन शैली वैसी ही बन जाती है। ध्यान एक ऐसा मार्ग है, जो स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली के स्तर को सुधारने में मदद करता है, जैसा कि हज़ारों लोगों का अनुभव है। आइए जानें, स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली के कुछ पहलुओं को और किस तरह ध्यान इन पहलुओं में मदद करता है। Importance of meditation in healthy lifestyle

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1 स्वास्थ्यप्रद भोजन:
भोजन ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए सही मात्रा व सही प्रकार का भोजन, सही समय पर खाने से आपका जीवन पूर्ण रूप से स्वास्थ्यपूर्ण बन सकता है। ज़्यादातर हम अपनी रसना के वेग को शांत करने के लिए ऐसी चीज़ें खा जाते हैं जो कि स्वास्थ्यप्रद नहीं होती हैं। कई लोगों ने यह बताया है कि ध्यान ( मेडिटेशन) के नियमित अभ्यास से स्वास्थ्यप्रद भोजन खाना उनके लिए आसान हो गया है।

2 नींद की मात्रा व गुणवत्ता:
जब आप थके होते हैं, आपके मन में क्या पहला विचार यह आता है कि काश मैं एक झपकी मार लेता। नींद की पर्याप्त मात्रा ( 7से 8घंटे ) के साथ साथ, नींद की गुणवत्ता ( कितनी गहरी नींद है) भी एक महत्वपूर्ण कारक है, जो आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

3 सक्रिय रहें:
हमें एक दिन में बहुत सा काम करना होता है और हम अपनी क्षमता के अनुरूप सबसे अच्छा करना चाहते हैं। किसी दिन हम बहुत सक्रिय होते हैं और किसी दिन आलस लगता है। बहुत से लोग जो नियमित ध्यान का अभ्यास करते हैं वे बताते हैं कि ध्यान उन्हें सहजता के साथ अधिक सक्रिय व दिनभर प्रसन्न रखता है। अगर जब कभी वे थका, अनमना या हताश महसूस करते भी हैं, तब बस कुछ मिनटों का ध्यान उन्हे पुनः ऊर्जित कर देता है।

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4 स्वयं को विश्राम के लिए पर्याप्त समय दें:
क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आपकी उत्पादकता बढ़ जाती है जब आप मन व शरीर को विश्राम का अवसर देते हैं? लेकिन अक्सर हम शिकायत करते हैं कि हमारे पास बिल्कुल समय नहीं है, बहुत काम करना है, है ना? खुद को विश्राम देने का एक अच्छा तरीका ध्यान है एल बस आँख बंद करके 20 मिनट बैठने से आपका मन ठहरता है और शांत ( काम ) हो जाता है ।

5 अपने काम में आनंद:
ज़रा सोचिए, अपने काम से आप सबसे ज़्यादा खुश कब होते हैं? जब कि वो काम आपके मन का हो, है न ? लेकिन ऐसा तब ही होता है जब आप अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं। क्योंकि, जब आप अच्छा काम करते हैं, तब आप संतुष्ट होते हैं और वह संतुष्टि आप के मन में प्रसन्नता ले आती है।

6 अच्छा सामाजिक स्वास्थ्य:
आपने सुना होगा कि मानव एक सामाजिक प्राणी है। हमारे स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सामाजिक स्वास्थ्य है एल यह इस पर आधारित होता है कि हम किस तरह के लोगों से मेलजोल करते हैं । यही सदा अच्छा होगा कि हमारे आस पास ऐसे लोग हों जिनसे हम अपने सुख दुख बाँट सकें। ज़रूरत के दिनों में आप अपने समाज से मदद भी ले सकते हैं।

7 शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति उत्पन्न करें:
एक स्तर पर ध्यान हमारी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाता है और बीमार होने की संभावना को कम करता है। दूसरे स्तर पर, अगर आप बीमार हैं तो ध्यान आपके स्वस्थ होने की प्रक्रिया को त्वरित करता है।

ध्यान के बारे में कुछ परामर्श:
1. हम सभी स्वस्थ रहना चाहते हैं, ठीक है न? इसलिए, उपरोक्त बातों पर विचार करते रहें एल ये आपको ध्यान से होने वाले सकारात्मक बदलावों को पहचानने में मदद करेंगें।

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2. दिन में कम से कम एक बार ध्यान अवश्य करें।आप खुदबखुद ध्यान शुरू कर सकते हैं या किसी विशेषज्ञ से भी सीख सकते हैं। एक विशेषज्ञ आपको ध्यान के गहरे अनुभव करने में सहयोग करेगा ।.

3. आप अपने ध्यान मित्र बना सकते हैं, जिनके साथ मिलकर आप ध्यान कर सकते हैं। ध्यान मित्र आपके अभ्यास को नियमित रखने मे मदद करते हैं। Importance of meditation in healthy lifestyle

An article from Art of Living

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